Sunday, May 10, 2009

जब मेरे जीजा ने मुझे चोदा
मै रचना एक बार फिर अपनी चुदाई की कहानिया लेकर आपके सामने हाजिर हु!जैसा की मै पहले भी बता चुकी हु कि मै ईन्जिनियरिन्ग लास्ट ईयर की छात्रा हु!मै अभी २१ साल की हु! मै १६ साल की थी जब मेरे जिजा ने मुझे चोदा था!मेरी एक ही बहन है और मेरे कोई भाई नही है!मै उस समय दिल्ली मे ही रहती थी अपने मम्मी और पापा के साथ!मै भरपुर जवान थी उस समय,मेरे जिस्म गदराये हुये थे,मेरी छातिया बहुत बड़ी हो गई थी और किसी कि मजबुत बाजुवों मे पीसने के लिये बेचैन थी!अपने ब्रा मे मै बड़ी मुश्किल से उसे कैद कर पाती थी!मेरे जीजु अक्सर ही हमलोगो से मिलने के लिये आया करते थे! वो भी दिल्ली मे ही एक सौफ्टवेयर कम्पनी मे काम करते थे!उनकी उम्र उस समय २४-२५ साल रही होगी! उनका रन्ग काला था लेकिन काफी लम्बे थे!मेरी उनसे काफी पटती थी और जब भी आते बहुत बाते होती थी! हमदोनो के बीच बहुत मजाक होता था कुछ अच्छे और कुछ गन्दे भी!
एक बार वो शाम को मेरे यहा आये!उन्हे कल सवेरे निकलना था! रात का खाना खाकर् मम्मी पापा सोने चले गये! मै उनके पास बैठकर बाते करने लगी और हमदोनो के बीच गपसप होने लगे!मम्मी पापा सो चुके थे और रात के करीब साढ़े दस बज रहे थे ! वो आज बहुत खुल कर बाते कर रहे थे और मेरी पर्सनल लाईफ़ से जुड़े सवाल करने लगे जैसे की आपका साईज क्या है१ सेक्स के बारे मे आपका क्या ओपिनियन है१ आप शादी से पहले सेक्स को कैसा मानती है? क्या आप सेक्स का अनुभव ले चुकी है १ आपको सेक्स का कौन सा स्टाइल ज्यादा पसन्द है लाइक दिस! मैने सोच लिया कि आज मै इनकी लंड को शान्त करके हि रहुन्गी! अपनी तो चुत गीली हो ही रही थी! मैने भी सवाल करना सुरु कर दिया१ जब मैने उनसे उनके पेनिस का साइज पूछा तो वो मेरी तरफ एक टक देखने लगे और मैने कौमेंट मार दिया,कभी आपने लौंडिया नही देखी ! वो मुस्कुराने लगे और बोले बहुत देखी है लेकीन आपके जैसी नही!जिसको भी आपका ये रसीला जिस्म मिला होगा वो मर्द भी कितना लकी होगा!मै भी चुटकी लेते हुये बोली चलिये आज आपको भी मै लकी बना देती हु! मैने देखा की उनका पाजामा तना हुआ था और वो एकटक मेरी फुली हुई चुचियो को निहार रहे थे! मेरे चुत की प्यास भी तेज होने लगी और मेरे बुब्स मसलवाने के लिये मचलने लगे!मैने जान बुझकर एक भरपुर अंगड़ाई ली और उनके बेड से उठने का नाटक करने लगी!उन्होने मेरा हाथ पकड़ लिया और अपनी तरफ खीच लिया ! वो बेड पर लेटे हुये थे और मै जानबुझ कर उनके उपर गिर पड़ी ! मेरे बड़े बड़े बुब्स उनकी मजबुत चौड़ी छातियों के बिच दब गई और उन्होने मुझे उपर से जकड़ लिया और अपने होंठो को मेरे नाजुक होंठो पे कसकर रसपान करने लगे! मै उनकी मजबुत बाहो मे कसमसाते हुए बोली कि मै आपकी बीबी नही साली हु ! तो वो बोले की साली आधी घरवाली होती है और साली पे आधा हिस्सा जिजु का होता है! मैने हसकर पूछा कि उपर या नीचे वाला!मै भी गरम हो रही थी और उनके उपर अपना सारा बोझ डाले हुइ थी! उनका लंड मेरी दोनो जन्घो के बीच गड़ रहे थे ! मैने अपनी दोनो चुचियो को उनके सीने पे रगड़ने लगी! मु्झपे खुमारी छा रही थी और दोनो चुचिया कठोर होने लगी!मैने कहा कि जिजु आज रात भर मुझे जी भरकर चोदो,मेरी चुत बहुत दिनो से तड़प रही है लंड का दिदार करने के लिये!इसकी तड़प सान्त कर दो प्लीज! मैने पूछा कि क्या आप मेरी दीदी को डेली चोदते है तो वो बोले क्या करे ये मेरा लंड शान्त ही नही होता!किसि किसि दिन तो मै आपकी दीदी को रात रात भर चोदता रहता हु ,जब भि मौका मिलता है मै चोद देता हु!नहाते वक्त चोदने मे मुझे और भी मजा आता है! लेकिन एक ही चुत मे पेल्ते पेलते बोर हो गया हु!और वैसे भी आपकी दीदी आपकी तुलना मे जीरो है! मुझ पर नशा छा रहा था और मै अपनी फुली हुइ बड़ी बड़ी छातीयों को उनके छातियों पे रगड़ने लगी! मैने कहा जिजु आज आप मुझे इतना चोदो की मुझे आपकी चुदाई हमेसा याद रहे! तो वो बोले की आपकी ईस गदराये जिस्म को मै भी कहा भुल पाउन्गा! आपको कौन मर्द नही चोदना चाहेगा!आपको चोदकर तो मै निहाल हो जाउंगा! और उन्होने अपनी हाथो का दबाव और बढ़ा दिया और मुझे अपने उपर खीच लिया!अब हमदोनो ही अपने कन्त्रोल मे नही थे!उन्होने मेरी ड्रेस और फिर ब्रा को भी खोल दिया और फिर मेरे दोनो बुब्स अपने हाथो मे लेकर मसलने लगे और मसलते मसलते कहने लगे कि रचना जी आपकी चुचिया तो आपके दीदी कि चुचियो की डबल है,ओह कितनी मुलायम है, आज मै ईसे पुरी तरह दुह दुन्गा!मै अपने मन मे आपको चोदने की इक्छा कब से ही पाले हुआ था और आज आपको चोद कर मै उसे पुरा कर लुन्गा! मैने कहा की मै भी पुरी चुदकड़ हु और आज आपको पता चल जायेगा!वो मेरे उपर चढ़ गये और मेरी चुचियो को अपने मुह मे दालकर उसका दुध पीने लगे और मेरी मुलायम सी चुचीयो मे अपना दान्त गड़ाने लगे! उन्होने मेरा पजामा भी उतार दिया और अब मेरे शरीर पे केवल एक पैटी थी!मैने भी उनके बदन का सारा कपड़ा उतार दिया और उनका अंडरवियर भी उतारकर उनके काले फ़नफ़नाते लंड को आजाद कर दिया! बाहर आते ही उनका मोटा लंड तन कर खड़ा हो गया और मैने अपने दोनो हाथो से पकड़ कर सहलाने लगी!उनके मुह से सिसकारी निकलने लगी !करीब दो मिनट तक सहलाने के बाद मैने उनका लन्द अपने मुह मे लेकर चुसने लगी! उनका लंड बहुत बड़ा था और शायद सबसे बड़ा जिससे मै अभी तक चुदवा चुकी हु! मैने कहा की ईतने बड़े से लंड को मेरी मुलायम सी चुत कैसे झेलेगी,पता नही दीदी की चुत का क्या हाल हुआ होगा!तो उन्होने कहा कि जरा सब्र किजिये,एक बार चुदवाने के बाद आपको कोइ दुसरा लंड पसन्द नही आयेगा!काफी देर लंड चुसने केबाद मैने अपने चुचियो को उनके मुह के हवाले कर दिया और वो बेकरारी से उसे चुसने लगे और हौले हौले बाईट करने लगे! और उन्गुलियो से मेरी पैन्ती के अन्दर दालकर उपर नीचे करने लगे!मै अब बहुत गरम हो चुकी थी उन्से चोदने के लिये कहा!मै उनके नीचे गई और वो मेरे उपर और फिर मेरी पैंटी उतार दाली ! मैने उनके लंड को पकड़कर अपनी चुत पे अडजस्ट किया !उन्होने एक झटका दिया और मेरे चिकने बुर म्रे उन्होने अपने बड़े से लन्द का सुपारा ढकेल दिया और झटके पे झटके देने लगे!मुझे ज्यादा दर्द नही हुआ क्योकी मेरी चुत चुदवाते चुदवाते काफी फ़ैल चुकी थी!उन्होने मेरी दोनो जान्घो को उठाकर चोदना शुरु कर दिया ! उन्का काला मोटा लंड मेरी बुर मे धसने निकलने लगा और मुझे अपुर्व आनन्द की प्राप्ति होने लगी !सच्मुच चुदवाने मे कितना आनन्द आता है मै बता नही सकती!और अगर आपको मोटा ताजा ,लम्बा और कठोर लन्द मिल जाये तो वो आनन्द दुगुना हो जाता है!उनके लन्द मे ये सारी खुबिया थी!मुझे इतना मजा आ रहा था की मै आपसबको बता नही सकती!अगर मेरी कोइ फ़्रेड मेरी कहानी पड़ रही हो मै स्पेसली कह रही हु की कम से कम एक बार चुदवा कर देखो!फिर तो बिना चुदवाये रहा ना जायेगा! मै उनसे कहने लगी कि जिजु आपके ईस मोटे काले लंड का सचमुच कोइ जबाब नही! उन्होने मुझे नये नये पोज मे चोदना सुरु किया और मै आनन्द के मारे उई उई करने लगी! एक साथ बुर और चुची का मजा लेने के लिये वो मेरे उपर लेट गये ! उनका लन्द मेरे बुर मे धसा हुआ था ,एक हाथ मेरे एक बुब्स को नोच रहे थे और मेरे दुसरे बुब्स को मुह लेकर से चुसे जा रहे थे!साथ ही अपने चुतर को उछाल उछाल कर बुर को पेले भी जा रहे थे !मैने कहा की वाह जिजा जी आपको तो लड़की चोदने का पुरा एक्सपेरियन्स है ,मै तो कायल हो गई आपकी चुदाई की!तो उन्होने कहा कि मै भी आपकी बुर और ईन मुलायम रसभरी चुचियो का दिवाना हो चुका हु!कैसे रहुन्गा अब बिना आपको चोदे बिना!तो मैने कहा की दीदी को यहा छोड़ दिजिये और मुझे अपने साथ ले चलिये और तब मुझे रातभर चोदते रहियेगा क्यु और मै हसने लगी!वो भी हसने लगे !मैने कहाकि अगर मै आज गर्भवती हो गई तो क्या होगा,तो उन्होने कहा कि मै आपसे भी शादी कर लूंगा और दोनो बहनो को एक ही बेड पर सुलाउंगा और बारी बारी से दोनो को ही चोदुंगा!मुझे भी डबल बुर का मजा मिलेगा! और फिर से मेरी चुदाई करने लगे!मैने कहा कि जोर जोर से चोदिये जीजा जी ,मेरी बुर बहुत प्यासी है ऐसे शान्त नही होगी और उन्होने अपनी स्पीड बढा दी और जोर जोर से फ़ुल पेनेट्रेसन केसाथ अपने लंड को मेरी प्यासी चुत मे धकेलने लगे और मै चिल्लाने लगी कि हा ऐसे ही,आह आह उई मा मर गई,आह चोदते रहिये बिल्कुल ऐसे ही आह जिजा जी आह!अपने दोनो हाथो से मै अपनीचुचीयामसलने लगी और वो मेरी चुदाई करते रहे! मुझे चुदवाने मे ईतना मजा पहले कभी नही आया था! उन्होने मुझे मन भर चोदा और अन्त मे अपना सारा क्रीम मेरी चुत मे दाल दिया! !और कहने लगे शायद आज मेरा लंड ईतनी मस्त मस्त बुर को चोदकर पहली बार संतुष्ट हुआ है! मैंने भी कहा कि मेरी चुत आजपहली बार पुरी तरह त्रिप्त हुई है!आपका लंड सचमुच कमाल का है लेकिन आप अगली बार कंडोम लगाकर मुझे चोदियेगा नहि तो मै सच्मुच गाभिन हो जाउन्गी!अभी काफी रात बाकी थी और हमदोनो फिरसे गरम हो रहे थे और ईस सुहानी रात को पुरी तरह रंगीन कर देना चाहते थे! एक बार फिर से तैयार होकर हमदोनो चोदा-चोदी का खेल खेलने लगे!ईस तरह से मेरे जिजा ने मुझे पहली बार चोदा और उसकेबाद तो वे जब भी आते रात को ठहर जाते और मुझे जी भरकर चोद्ते!मै अभी भी कभी कभी छुटियो मे दीदी के यहा जाती और बिना चुदवाये नही लौटती! मेरी कहानी आपको कैसी लगी ,अपने कौमेंट जरुरलिखियेगा!मै अपनी अगली कहानी लेकर जल्दी हि लौटूंगी!तब तक के लिये गुड बाय!! ,

Saturday, May 9, 2009

मेरी पहली चुदाई
हाय मै रचना अपनी पहली चुदाई की कहानी सुनाने जा रही हु! उस समय मै १५ साल की थी! मै दिल्ली की रहने वाली हू और अभी इन्जिनियरीन्ग लास्ट इयर की छात्रा हु! मेरे पिताजी बिजनेस मैन है! हम दोबहने है और बड़ी बहन की शादी हो चुकी है! वो अपने ससुराल मे रह्ती है!मेरा कोइ भाई नही है!मै अपनेमम्मी और पापा के साथ ही रह्ती थी!पापा भी बिजनेस के सिलसिले मे ज्यादातर गायब ही रह्ते थे! मेरेफ्लैट के सामने वाले मकान मे मेरे पापा के फ्रेंड कुछ ही दिनो से रह रहे थे!उनके एक लड़के और एकलड़की थी! लड़की तो बहुत छोटी थी लेकीन लड़का २० साल से कम का नही था!क्योकी वो मेरे पापा केफ्रेंड का लड़का था इसलिये मेरे फ्लैट मे आता जाता रहता था!देखने मे काफी हैन्डसम था और बहुतअछी बौडी थी उसकी!मै भी काफी जवान हो चुकी थी और बहुत सुन्दर दिखती थी!सबके सोने के बाद मैबेड पर लेट कर अक्सर ब्लु फ़िल्मे देखा करती थी और अपनी उन्गुलियो से ही अपनी चुत को शान्त करलिया करती! मेरे बुब्स उस समय भी बहुत बड़े थे! मै तो उस पे लटू हो गई थी और उसके साथ सोने केसपने देखने लगी और सोचती रह्ती कि कैसे अपनी चुत की प्यास कैसे शान्त करु! वो भी मेरे गदरायेजिस्म को चोरी चोरी निहारा करता था!मेरे बड़े बड़े बुब्स किसी भी लड़के को पागल कर देने के लियेकाफी था! धीरे धीरे मेरी उससे बात होने लगी!एक बार वो किसी काम से मेरे फ्लैट मे आया ! उस समयमम्मी बाजार गई हुई थी और मै टीवी देख रही थी!वो भी मेरे कहने पर बैठ कर टीवी देखने लगा!अब मेरामन टीवी पे बिल्कुल भी नही था और सोचने लगी की ईससे अच्छा मौका नही मिलेगा चुदवाने का! मेरादिल जोर जोर से धरक रहा था!उसकी हालत भी मेरे जैसी ही थी ! उसके अन्दर भी खल्बली मची हुइ थीऔर उसका लंड खड़ा हो गया था और उसकी पैत से निकलने के लिये कुलबुला रहा था !हमदोनो धीरे धीरेपास आने लगे और धरकने जोर जोर से धरक रही थी हम्दोनो की!मैने हिम्मत करके उसके जान्घो परअपना हाथ रख दिया और धीरे धीरे सरकाते हुए उसके लंड को पकड़ लिया! उसका पुरा शरीर काप रहाथा!हम दोनो ही जल रहे थे और अपनी आग बुझाने के लिये आतुर हो गये!हम बहुत करीब गये औरगरम सासे आपस मे टकराने लगी ! उसने झट से मेरी बुब्स को पकड़ लिया और दबाने लगा! उसके हाथमेरे बुब्स पे फिसलने लगी और उसके होठ मेरे होठो के रस चुस रहे थे!मैने उसके पैन्त का चैन खोलकरउसके लंड को अपने हाथो मे ले लिया और सहलाने लगी! मै आपको कैसे बताउ क्या हालत हो रही थीमेरी उस समय!मै बहुत ही ज्यादा इक्साईतेद हो चुकी थी! लेकिन उसी समय बेल बज ऊठी!मम्मीबाज़ार से लौट चुकी थी!मेरी इक्छा अधुरी रह गई!लेकीन मैने भी ठान लिया की अब बिना चुदवाये नहीरह सकती!
एक बार जब पापा किसी काम से बाहर गये हुये थे और घर मे सिर्फ मै और मम्मी ही थे,मैने सोचा येअछा मौका है अप्नी चुत की प्यास शान्त करने का! मौका देखकर मैने उसका नम्बर ले लिया ! सोते समय जब मम्मी ने पीने के लिये दुध माँगा तोमैने उस्मे नीन्द की दवा मिला दी ताकि वो सुबह से पहले नही उठ सके और उस लड़के को सारा कुछ बतादिया!जब मम्मी सो गई मैने उसे मिसकौल कर दिया!रात काफी अन्धेरी थी और करीब ११ बज चुके थे! उसके घरवाले भी सो चुके थे! उसे मै अपने बेडरूम मे ले गई!सिर्फ दो ही बेडरूम थे! एक मे मम्मी पापासोते थे और एक मे हम!मम्मी के बेडरूम का दरवाजा मैने बाहर से लौक कर दिया ताकि वो अचानक उठ जाये!अब मेरी चुदाई का रास्ता क्लियर था!हमने भी अपना दरवाजा अन्दर से लौक कर दिया और एकदुसरे की बाहो मे समा गये!रात के ११ बज रहे थे और काली रात,और दो प्यासे बदन ,ये मौका मै कैसेचुक सकती थी!एक दुसरे से उलझ गये हमदोनो!हमदोनो ही नन्गे हो गये!काली रात थी तो कुछ दिखाईनही दे रहा था!वो मेरे बुब्स मसलने लगा और मै उतेजना के मारे चतपताने लगी!वो कह रहा था कि तेरीगदराई हुई जिस्म के बारे मे सोचकर मैने जाने कितनी बार मुठ मारी है! वो मेरे ठीक उपर था औरबिल्कुल नन्गा!उसके लन्द मेरे जान्घो और चुत को टच कर रही थी मै कह नही सकती कि कितनीउतेजीत हो चुकी थी मै!वो भी होश मे कहा था! उसकी सासे बहुत जोर जोर से धरक रही थी!मैने उसकेलंड को अपने दोनो हाथो से सहलाने लगी और वो अपने काबु से बाहर होने लगा! काफी देर सहलाने केबाद मै उसके लंड को अपने मुह मे लेकर चुसने लगी!सामान्य से बड़ा था उसका गरम लंड और मेरे मुह मेठीक से नही पा रहा था! बहुत देर तक चुसती रही मै, कैसे कहु कितना मजा रहा था मुझे!वो नीचेखड़ा था और मै बेड पर लेट कर चुसे जा रही थी!वो अपने लंड को मेरे मुह मे ही आगे पीछे करनेलगा!बहुत बड़ा होने के कारण मेरे मुह मे पुरा समा नही पा रहा था लेकिन वो धक्के मार मार कर मेरे कंठतक उतार दे रहा था और मै अकबका जाती थी! - मिनत तक वो मेरे मुह को ही चुत समझकर पेलतारहा!मुझसे अब नही रहा जा रहा था और उसे बेड पर खीच लिया अपने उपर और बोली कि अब नही रुकसकती,चोदना शुरु करो!मेरे कहते ही उसने अपना लंड मेरी बुर मे धीरे से उतार दिया!मै दर्द से छटपटाऊठी और कराहने लगी और उसका लंड अपने चुत से अलग कर दिया! बहुत खुन भी निकल गया!उसनेमुझसे पूछा की पहले कभी किसी से भी नही चुदवाई थी और मैने कहा की नही,पहली बार मुझे तुम हीचोद रहे हो!मैने उससे पूछा कि क्या उसने ईससे पहले किसी लड़की को चोदा था तो उसने कहा कि हा मैपहले भी लड़की के चुत का मजा ले चुका हु! उसने मुझे समझाया की शुरु मे दर्द होगा लेकिन बाद मे सहीहो जायेगा!उसने फिर से अपना कड़ा लन्द मेरी चिकनी चुत मे धकेल दिया!मुझे रोना गया लेकिनउस दर्द को मै सह गई! उसने धीरे धीरे चोदना सुरु किया और मुझे मजा आने लगी! सार दर्द गायब होगया और मुझे असीम आन्न्द आने लगा! वो मेरे उपर लेट गया और अपने चेस्ट से मेरे बुब्स को रगड़नेलगा! फिर उसने मेरे बुब्स को अपने मुह मे ले कर चुसने लगा और हौले हौले अपना दात मेरी मुलायमचुचियो मे गड़ाने लगा! उसके लंड मेरे बुर मे घुसे हुये थे और आगे पीछे हो रहे थे! अपने चूतर को उछालउछाल कर मुझे चोदे जा रहा था!मै भी अपनी चुतर उचका उचका कर चुदवा रही थी!मै पुरी तरह से गरमहो चुकी थी! कभी मै उसे नीचे पटक देती तो कभी वो! बुरी तरह से एक दुसरे से उलझे हुए थे हम!उसकेचोदने की रफ्तार धीरे धीरे तेज होने लगी ! उसका बड़ा और कठोर लन्द मेरे मुलायम चुत को फाड़े जा रहेथे!अपने लंड को मेरे चुत की पुरी गहराइ मे उतार उतार कर पेल रहा था वह और बहुत जोर जोर से धक्कालगा रहा था!मै उई उई कर रही थी और अपनी पहली चुदाई का पुरा मजा ले रही थी!वो भी फ़्रेश चुत काजमकर मजा उठा रहा था!वो बिच बिच मे पूछता भी कि मजा रहा हैऔर मै कह्ती कि पूछो मत कयाहाल है मेरी आह आह बस चोदते रहो नन स्टौप!वो और तेजी से चोदने लगता! वो कह्ता कि रच्चो तेरीकुव्वारी चुत का स्वाद मै बयान नही कर सकता! एकाएक उसके चोदने की रफ्तार बहुत तेज हो गई ,पुरीबेड हिलने लगी ,मेरी सिसकारिया निकलने लगी और उसने मेरा मुह ढाप दिया! मै बेड मे धसी जा रहीथी और उसका सारा बोझ उठाये हुए थी!मै उतेजना मे जोर जोर से चोदो,उई उई , फाड़ डालो चुत को,ओहबहुत मजा रहा है,पेलते रहो,रुको मत, और ना जाने क्या क्या बदबदाती रही और वो पेलता रहा ननस्टौप!अन्त मे उसने मुझे जोर से पकड़ लिया और मेरी चुत मे झड़ गया! अभी करीब रात के १२ बज रहेथे और मेरी चुत पुरी तरह से शान्त नही हुई थी!वो भी मेरी मस्त मस्त चुत और बुब्स का फिर से मजाउठाना चाहता था और रात भी बहुत बची हुई थी!वो फिर से तैयार हो गया और एक बार फिर से चोदनेलगा!वो कह रहा था की रच्चो मै तेरी बड़ी बड़ी रसीली चुचीया और चिकने मिल्की चुत का स्वाद कभीनही भुल पाउन्गा! मुझसे शादी कर लो डारलिंग और फिर मै तुम्हे दिन रात चोदता रहुन्गा! हमदोनो हीरात गवाना नही चाह्ते थे!उस रात मै करीब बजे रात तक चुदवाती रही और फिर वो अपने फलैट मेचला गया! मेरी दोनो चुचियाँ फुल कर लाल हो गई थी और मेरी चुत अन्दर से छिल गई थी!ये थी मेरीपहली चुदाई!इसके बाद तो मै काफी चुदक्कद हो गई थी! उसने पता नही कितनी बार मेरी चिकनी चुतका आनन्द उठाया और मै उसके गरम कठोर लंड का!
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Wednesday, May 6, 2009

कौलेज मे मेरी चुदाई
हाय,मेरा नाम रचना है! मै इन्जिनियरिन्ग फ़ाइनल इयर की छात्रा हुं ! मै आज आपको कौलेज मे अपनी चुदाई की एक कहानी सुना रही हु !वैसे ये मेरी पहली चुदाई नही है ! मै पहले भी कई बार चुदवा चुकी हु कौलेज मे आने से पहले भी ! देखने मे मै बहुत ही सेक्सी हु और मेरे बुब्स बहुत बड़े है!अभी मेरी उम्र २१ साल है! मेरे फ्रेडस कहते है की यार तेरी बुब्स तो आयसा टाकीया और उरमिला से भी बडी है !रियली मै बहुत जयादा से़क्सी हु!मेरा फ़िगर लड़कों को पागल कर देने के लिये काफी है!मै चुदवाये बिना रह नही सकती ये मेरी कमजोरी है!!मै अपने रुमेट के साथ गर्ल्स होस्टेल मे रह्ती हु! अब मै अपनी कहनी पे आती हु!
बात तब की है जब मै सेकण्ड इयर मे थी! मै हमेसा आगे की बेन्च पर ही बैठती थी! मेरे कौलेज मे गर्ल्स ,ब्वायज के मुकाबले बहुत कम है लडके हमेसा लड़कियों को पटाने मे लगे रह्ते है और बुब्स को देखकर लार टपकाते रहते है !मुझे शुरु से ही एक लड़का बहुत पसन्द था!वो काफी हैन्डसम था और पड़ने मे भी बहुत अछा था! लेकिन बहुत ही ज्यादा सर्मिला था! वो भी हमेशा आगे की बेन्च पर ही बैठता था! मै तो सुरु से ही उसपे लाइन मारती थी लेकिन वो हमेशा अपना सर झुका लेता,मै जब भी उसे देखती !मुझे नही पता की उसके मन मे क्या है ? लेकिन वो इतना भोला भी नही था जितना दिखता था! इक बार मै और वो काफी नजदीक बैठे हुये थे !सर पढ़ा रहे थे लेकिन मेरा ध्यान पढ़ने मे बिल्कुल ही नही था ! वो भी मुझे बार बार देख रहा था और जब भी मै उसकी तरफ देखती वह बुक्स देखने लगता ! अचानक मेरी नजर उसके पैंट पर पडी! उसका पैंट तना हुअ था और काफी फुला हुआ था!
मै समझ गई कि उसकी नजर मेरे बुब्स पर थी !मैने भी बहुत दिनो से नही चुदवाइ थी इसलिये मै गरम हो गयीऔर चुत फरवाने के लिये बेचैन हो गई ! मै जानती थी कि वो तो बोलेगा ही नही इसलिये मैने अकेला देखकर सिधे अपनी बात कह डाली! और मुझे ग्रीन सिगनल मिल गई! मिलती भी क्यो नही ,सारे लरके मुझे देखकर लार टपकाते थे ! और वो भी मेरे बारे मे सोचकर कितनी बार मुठ मार चुका होगा! हम दोनो ने मिलकर चुदाइ का इक पलान बनाया!मै होस्टल मे रह्ती थी वो भी होस्टल मे ही रहता था इसलिये हमलोग रात को नही निकल सकते थे! वो होस्टल से दुर मुझे एक अछे से होटल मे ले गया!हम दोनो बेड पर लेत गये!वो धीरे धीरे मेरे करीब आकर मेरे बुब्स पर हाथ फेरने लगा और मेरे मुलायम गुलाबी होठो को चुसने लगा! मै भी उसके लंड को सहलाने लगी ! वो कफी इक्साइतेद हो चुका था और मुझ पर भेड़िये की तरह टूट पड़ा! वो अपने कन्त्रोल मे नही था और मेरी चुचियो को बिना मेरे कपड़े हटाए ऐसे मसल रहा था की जैसे उसने आज तक कोइ लड़की नही चोदि है!मै भी पगला चुकी थी और उसके कपड़ो को नोच कर हटा दिया मै भी नन्गी हो गई !वो मेरी बुब्स को ऐसे मसल रहा था कि मेरी तो रुलाइ जा रही थी! लेकीन फिर भी मुझे बहुत मजा रहा था! मै उसे बार बार बोल रही थी कि मेरी चुत को भी शान्त करो लेकिन वो जैसे कुछ सुन हि नहीं रहा था! मेरी चुचिया लाल लाल हो चुकी थी और वो था कि मसले हि जा रहा था!मैने उसकी लंड को सहलाने लगी! बहुत हि कड़ा था उसका लंड!ज्यादा बड़ा तो नही था लेकिन छोटा भी नही था! मै उसके उपर गई और उसके लंड को चुसने लगी! वो आह आह कर रहा था और उछाल उछाल कर मेरे मुह को हि चोद दे रहा था! मैने उससे हसकर कहा भी कि ये मेरा मुह है बुर नही!उसने भी हस दिया ! एकाएक वो मुझे निचे पटक कर मेरे उपर गया और अपने लंड को मेरी दोनो चुचीयों के बिच रगड़ने लगा!मुझे सुरसुराहट होने लगी और मैने अपनी दोनो चुचीयो से उसके लंड को जकड़ लिया!अब उसका गरम लंड मेरी चुचीयो के बीच सरक रहा था!मुझे पता नही की मै होश मे थी या नही! मै ये कहानी लिख रही हु एक हाथ से और मेरी दुसरी हाथ की उन्गली मेरे बुर मे घुसी हुइ है और मेरी चुदाइ कर रही है!मेरी चुचीया बहुत बड़ी थी जैसा की मै पहले भी लिख चुकी हु और उसके लंड को पुरी तरह से कसे हुये थी!उसका कड़ा लंड मेरी चिकनी चिकनी चुचीयो के बीच फिसल रहा था! मेरे बुब्स का मजा लेने के बाद उसने मेरी बुर का स्वाद लेना शुरु किया!अपनी दोनो जान्घो को मेरी दोनो जान्घो के बिच कसकर अपना दहकता हुआ लंड मेरे बुर मे डाल दिया! मेरी चुदाइ शुरु हो चुकीथी!वो अपने लंड को झटके दे देकर मेरी चुत मे पेलने लगा!फ़नफ़नाता हुआ उसका लंड मेरी गरम चुत का मजा लेने लगा!मेरी चुत भी बहुत दिनो से प्यासी थी और काफी दिनो बाद लंड का स्वाद चख रही थी!उसके चोदने की रफ्तार कुछ ज्यादा थी! थप्प थप्प की आवाज कमरे मे गुन्ज रही थी!
मुझे कुछ दर्द तो हो रही थी क्युकि वो बहुत तेजी से चोद रहा था मुझे लेकिन उसे कुछ ज्यादा ही दर्द हो रहा था लेकिन अपनी रफ्तार को कम नही कर रहा था!वो बिच मे बडबडा भी रहा था जैसे कि रचना क्या माल हो तुम,क्या बुर है तेरी,आह, मै आज तेरी बुर को फाड़ दुन्गा! आह क्या बुर है!ऐशवर्या ,माधुरी का बुर भी इतना मुलायम नही होगा!आह! आह !आह!वो चोद भी रहा था कुछ ऐसे की आज वह मेरी चुत को फ़ार ही डालेगा!मै उइ मा उइ मा चिला रही थी!बहुत मजा रहा था मुझे सच्मुच! मै भी बडबडा रही थीजैसे की फार दे मेरी बुर,आह,उइ,उइ जोर जोर से चोदो, और जोर से ,आह,आह मेरे राजा!अपनी चूतर ऊठा ऊठा कर चुदवा रही थी मै ताकि उसका पुरा लंड मेरे बुर मे समा सके !मै भी पुरी चुदकड़ थी शायद उसे भी पता चल गया होगा! मै ताजी लंड का पुरा मजा उठा रही थी! कभी मै उसके उपर तो कभी वो मेरे उपर! बेड पर अफरातफरी मची हुइ थी! मेरी दोनो जान्घो को वह अपनी दोनो जान्घो के बीच पुरी तरह से जकरे हुआ था और उश्की दोनो हाथे मेरे बुब्स को मसल रहे थे! तो वो होश मे था और ना हि मै!वो पेले जा रहा था और मै बस पेलवाये जा रही थी! वो भी शायद पहली बुर का ही मजा ले रहा था !मै भी उसे पुरा मजा दे रही थी!बहुत देर तक उसने मेरी मुलायम बुर का मजा लिया! क्या जोश था उसमे मै नही कह सकती! इतनी जोर जोर से मेरी चुत मे अपना लंड धकेलता था मै छटपटा जाती!मेरी चुचीयो का जो हाल उसने किया उसे तो मै ही जानती हु!मेरी दोनो की दोनो चुचियाँ सुज गई थी!मेरी बुर का भी बुरा हाल था और लग रहा था जैसे कि उन्दर से छिल गया है!जो भी हो उसने जी भरकर चोदा मुझे! हम दोनो ही बुरी तरह से थक चुके थे और जोर जोर से हाफ रहे थे!जब वो झड़ने लगा मेरी चुत पुरी तरह भर गई!मै पुरी तरह से सन्तुष्ट हो चुकी थी और शायद वो भी! उसने मुझे इसके बाद न जाने कितनी बार चोदा होगा मुझे याद नही!जब कौलेज मे छुटिया शुरु हुइ तब हमदोनो ही दुसरी जगह चले गये और करीब तीन राते और दिन एकसाथ गुजारी!उसने मेरी जमकर चुदाइ की उन तीन दिनो मे!हमदोनो दिनरात एक दुसरे से पुरे नन्गे होकर चिपके रहते थे!मै अब भी कभी कभी चुदवा लेती हु उससे लेकिन मेरी प्यास और बढ गई है!
अभी तक मै अपने ५ बैचमेट के साथ सो चुकी हु! अगर मेरी चुदाइ आपको पसन्द आइ हो तो कुछ कौमेंट जरुर लिखिएगा! कुछ दिनो मे मै अपनी पहली चुदाइ की कहानी भी बताउन्गी तब मै सिर्फ 15 साल की थी!