Saturday, May 9, 2009

मेरी पहली चुदाई
हाय मै रचना अपनी पहली चुदाई की कहानी सुनाने जा रही हु! उस समय मै १५ साल की थी! मै दिल्ली की रहने वाली हू और अभी इन्जिनियरीन्ग लास्ट इयर की छात्रा हु! मेरे पिताजी बिजनेस मैन है! हम दोबहने है और बड़ी बहन की शादी हो चुकी है! वो अपने ससुराल मे रह्ती है!मेरा कोइ भाई नही है!मै अपनेमम्मी और पापा के साथ ही रह्ती थी!पापा भी बिजनेस के सिलसिले मे ज्यादातर गायब ही रह्ते थे! मेरेफ्लैट के सामने वाले मकान मे मेरे पापा के फ्रेंड कुछ ही दिनो से रह रहे थे!उनके एक लड़के और एकलड़की थी! लड़की तो बहुत छोटी थी लेकीन लड़का २० साल से कम का नही था!क्योकी वो मेरे पापा केफ्रेंड का लड़का था इसलिये मेरे फ्लैट मे आता जाता रहता था!देखने मे काफी हैन्डसम था और बहुतअछी बौडी थी उसकी!मै भी काफी जवान हो चुकी थी और बहुत सुन्दर दिखती थी!सबके सोने के बाद मैबेड पर लेट कर अक्सर ब्लु फ़िल्मे देखा करती थी और अपनी उन्गुलियो से ही अपनी चुत को शान्त करलिया करती! मेरे बुब्स उस समय भी बहुत बड़े थे! मै तो उस पे लटू हो गई थी और उसके साथ सोने केसपने देखने लगी और सोचती रह्ती कि कैसे अपनी चुत की प्यास कैसे शान्त करु! वो भी मेरे गदरायेजिस्म को चोरी चोरी निहारा करता था!मेरे बड़े बड़े बुब्स किसी भी लड़के को पागल कर देने के लियेकाफी था! धीरे धीरे मेरी उससे बात होने लगी!एक बार वो किसी काम से मेरे फ्लैट मे आया ! उस समयमम्मी बाजार गई हुई थी और मै टीवी देख रही थी!वो भी मेरे कहने पर बैठ कर टीवी देखने लगा!अब मेरामन टीवी पे बिल्कुल भी नही था और सोचने लगी की ईससे अच्छा मौका नही मिलेगा चुदवाने का! मेरादिल जोर जोर से धरक रहा था!उसकी हालत भी मेरे जैसी ही थी ! उसके अन्दर भी खल्बली मची हुइ थीऔर उसका लंड खड़ा हो गया था और उसकी पैत से निकलने के लिये कुलबुला रहा था !हमदोनो धीरे धीरेपास आने लगे और धरकने जोर जोर से धरक रही थी हम्दोनो की!मैने हिम्मत करके उसके जान्घो परअपना हाथ रख दिया और धीरे धीरे सरकाते हुए उसके लंड को पकड़ लिया! उसका पुरा शरीर काप रहाथा!हम दोनो ही जल रहे थे और अपनी आग बुझाने के लिये आतुर हो गये!हम बहुत करीब गये औरगरम सासे आपस मे टकराने लगी ! उसने झट से मेरी बुब्स को पकड़ लिया और दबाने लगा! उसके हाथमेरे बुब्स पे फिसलने लगी और उसके होठ मेरे होठो के रस चुस रहे थे!मैने उसके पैन्त का चैन खोलकरउसके लंड को अपने हाथो मे ले लिया और सहलाने लगी! मै आपको कैसे बताउ क्या हालत हो रही थीमेरी उस समय!मै बहुत ही ज्यादा इक्साईतेद हो चुकी थी! लेकिन उसी समय बेल बज ऊठी!मम्मीबाज़ार से लौट चुकी थी!मेरी इक्छा अधुरी रह गई!लेकीन मैने भी ठान लिया की अब बिना चुदवाये नहीरह सकती!
एक बार जब पापा किसी काम से बाहर गये हुये थे और घर मे सिर्फ मै और मम्मी ही थे,मैने सोचा येअछा मौका है अप्नी चुत की प्यास शान्त करने का! मौका देखकर मैने उसका नम्बर ले लिया ! सोते समय जब मम्मी ने पीने के लिये दुध माँगा तोमैने उस्मे नीन्द की दवा मिला दी ताकि वो सुबह से पहले नही उठ सके और उस लड़के को सारा कुछ बतादिया!जब मम्मी सो गई मैने उसे मिसकौल कर दिया!रात काफी अन्धेरी थी और करीब ११ बज चुके थे! उसके घरवाले भी सो चुके थे! उसे मै अपने बेडरूम मे ले गई!सिर्फ दो ही बेडरूम थे! एक मे मम्मी पापासोते थे और एक मे हम!मम्मी के बेडरूम का दरवाजा मैने बाहर से लौक कर दिया ताकि वो अचानक उठ जाये!अब मेरी चुदाई का रास्ता क्लियर था!हमने भी अपना दरवाजा अन्दर से लौक कर दिया और एकदुसरे की बाहो मे समा गये!रात के ११ बज रहे थे और काली रात,और दो प्यासे बदन ,ये मौका मै कैसेचुक सकती थी!एक दुसरे से उलझ गये हमदोनो!हमदोनो ही नन्गे हो गये!काली रात थी तो कुछ दिखाईनही दे रहा था!वो मेरे बुब्स मसलने लगा और मै उतेजना के मारे चतपताने लगी!वो कह रहा था कि तेरीगदराई हुई जिस्म के बारे मे सोचकर मैने जाने कितनी बार मुठ मारी है! वो मेरे ठीक उपर था औरबिल्कुल नन्गा!उसके लन्द मेरे जान्घो और चुत को टच कर रही थी मै कह नही सकती कि कितनीउतेजीत हो चुकी थी मै!वो भी होश मे कहा था! उसकी सासे बहुत जोर जोर से धरक रही थी!मैने उसकेलंड को अपने दोनो हाथो से सहलाने लगी और वो अपने काबु से बाहर होने लगा! काफी देर सहलाने केबाद मै उसके लंड को अपने मुह मे लेकर चुसने लगी!सामान्य से बड़ा था उसका गरम लंड और मेरे मुह मेठीक से नही पा रहा था! बहुत देर तक चुसती रही मै, कैसे कहु कितना मजा रहा था मुझे!वो नीचेखड़ा था और मै बेड पर लेट कर चुसे जा रही थी!वो अपने लंड को मेरे मुह मे ही आगे पीछे करनेलगा!बहुत बड़ा होने के कारण मेरे मुह मे पुरा समा नही पा रहा था लेकिन वो धक्के मार मार कर मेरे कंठतक उतार दे रहा था और मै अकबका जाती थी! - मिनत तक वो मेरे मुह को ही चुत समझकर पेलतारहा!मुझसे अब नही रहा जा रहा था और उसे बेड पर खीच लिया अपने उपर और बोली कि अब नही रुकसकती,चोदना शुरु करो!मेरे कहते ही उसने अपना लंड मेरी बुर मे धीरे से उतार दिया!मै दर्द से छटपटाऊठी और कराहने लगी और उसका लंड अपने चुत से अलग कर दिया! बहुत खुन भी निकल गया!उसनेमुझसे पूछा की पहले कभी किसी से भी नही चुदवाई थी और मैने कहा की नही,पहली बार मुझे तुम हीचोद रहे हो!मैने उससे पूछा कि क्या उसने ईससे पहले किसी लड़की को चोदा था तो उसने कहा कि हा मैपहले भी लड़की के चुत का मजा ले चुका हु! उसने मुझे समझाया की शुरु मे दर्द होगा लेकिन बाद मे सहीहो जायेगा!उसने फिर से अपना कड़ा लन्द मेरी चिकनी चुत मे धकेल दिया!मुझे रोना गया लेकिनउस दर्द को मै सह गई! उसने धीरे धीरे चोदना सुरु किया और मुझे मजा आने लगी! सार दर्द गायब होगया और मुझे असीम आन्न्द आने लगा! वो मेरे उपर लेट गया और अपने चेस्ट से मेरे बुब्स को रगड़नेलगा! फिर उसने मेरे बुब्स को अपने मुह मे ले कर चुसने लगा और हौले हौले अपना दात मेरी मुलायमचुचियो मे गड़ाने लगा! उसके लंड मेरे बुर मे घुसे हुये थे और आगे पीछे हो रहे थे! अपने चूतर को उछालउछाल कर मुझे चोदे जा रहा था!मै भी अपनी चुतर उचका उचका कर चुदवा रही थी!मै पुरी तरह से गरमहो चुकी थी! कभी मै उसे नीचे पटक देती तो कभी वो! बुरी तरह से एक दुसरे से उलझे हुए थे हम!उसकेचोदने की रफ्तार धीरे धीरे तेज होने लगी ! उसका बड़ा और कठोर लन्द मेरे मुलायम चुत को फाड़े जा रहेथे!अपने लंड को मेरे चुत की पुरी गहराइ मे उतार उतार कर पेल रहा था वह और बहुत जोर जोर से धक्कालगा रहा था!मै उई उई कर रही थी और अपनी पहली चुदाई का पुरा मजा ले रही थी!वो भी फ़्रेश चुत काजमकर मजा उठा रहा था!वो बिच बिच मे पूछता भी कि मजा रहा हैऔर मै कह्ती कि पूछो मत कयाहाल है मेरी आह आह बस चोदते रहो नन स्टौप!वो और तेजी से चोदने लगता! वो कह्ता कि रच्चो तेरीकुव्वारी चुत का स्वाद मै बयान नही कर सकता! एकाएक उसके चोदने की रफ्तार बहुत तेज हो गई ,पुरीबेड हिलने लगी ,मेरी सिसकारिया निकलने लगी और उसने मेरा मुह ढाप दिया! मै बेड मे धसी जा रहीथी और उसका सारा बोझ उठाये हुए थी!मै उतेजना मे जोर जोर से चोदो,उई उई , फाड़ डालो चुत को,ओहबहुत मजा रहा है,पेलते रहो,रुको मत, और ना जाने क्या क्या बदबदाती रही और वो पेलता रहा ननस्टौप!अन्त मे उसने मुझे जोर से पकड़ लिया और मेरी चुत मे झड़ गया! अभी करीब रात के १२ बज रहेथे और मेरी चुत पुरी तरह से शान्त नही हुई थी!वो भी मेरी मस्त मस्त चुत और बुब्स का फिर से मजाउठाना चाहता था और रात भी बहुत बची हुई थी!वो फिर से तैयार हो गया और एक बार फिर से चोदनेलगा!वो कह रहा था की रच्चो मै तेरी बड़ी बड़ी रसीली चुचीया और चिकने मिल्की चुत का स्वाद कभीनही भुल पाउन्गा! मुझसे शादी कर लो डारलिंग और फिर मै तुम्हे दिन रात चोदता रहुन्गा! हमदोनो हीरात गवाना नही चाह्ते थे!उस रात मै करीब बजे रात तक चुदवाती रही और फिर वो अपने फलैट मेचला गया! मेरी दोनो चुचियाँ फुल कर लाल हो गई थी और मेरी चुत अन्दर से छिल गई थी!ये थी मेरीपहली चुदाई!इसके बाद तो मै काफी चुदक्कद हो गई थी! उसने पता नही कितनी बार मेरी चिकनी चुतका आनन्द उठाया और मै उसके गरम कठोर लंड का!
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